करोड़ों नहीं, सही प्लान चाहिए! Study Abroad को लेकर वायरल हुई Asslam Shaikh की TED Talk ने बदली सोच

By Ashish Jha

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भारत में अक्सर यह माना जाता है कि विदेश में पढ़ाई करना केवल अमीर परिवारों के बच्चों के लिए संभव है। लाखों रुपये की फीस, महंगे रहने का खर्च और शिक्षा ऋण का डर—इन सबके कारण कई छात्र अपने सपनों को शुरू होने से पहले ही छोड़ देते हैं।

लेकिन अब एक TEDx Talk ने इस सोच को चुनौती दी है। Study advisor Asslam Shaikh का “You Don’t Need to Be Rich to Study Abroad” भाषण सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें उन्होंने बताया कि विदेश में पढ़ाई के रास्ते पैसे से नहीं, बल्कि सही जानकारी और योजना से खुलते हैं।

 क्या है ‘Millionaire Myth’?

Asslam Shaikh के अनुसार, सबसे बड़ी समस्या पैसों की कमी नहीं, बल्कि जानकारी की कमी है। उन्होंने अपनी TEDx Talk में इसे “Millionaire Myth” कहा—यानी वह धारणा कि विदेश में पढ़ाई केवल करोड़पतियों के लिए है।

उन्होंने कहा कि आज दुनिया बदल चुकी है। अब कई ऐसे देश और विश्वविद्यालय हैं जहाँ भारतीय छात्र कम बजट में भी अच्छी शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। स्कॉलरशिप, पार्ट-टाइम जॉब और कम-फीस वाले देशों ने विदेश में पढ़ाई को पहले की तुलना में कहीं अधिक सुलभ बना दिया है।

 Average Student की कहानी जिसने बदल दी सोच

अपने भाषण में Shaikh ने मुंबई के एक छात्र Akshay का उदाहरण दिया, जिसके पास MBA के लिए केवल ₹10 लाख का बजट था। कई लोगों ने उसे बताया कि विदेश में पढ़ाई उसके लिए संभव नहीं है।

लेकिन सही रिसर्च और स्कॉलरशिप की मदद से उसने आयरलैंड में MBA में प्रवेश लिया। पढ़ाई पूरी करने के बाद वह अब Senior System Analyst के रूप में काम कर रहा है और अपने परिवार की आर्थिक मदद भी कर रहा है।

यह कहानी इस बात को दिखाती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद सही रणनीति बड़े अवसरों तक पहुँचा सकती है।

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कौन-कौन से देश हैं Budget-Friendly?

TED Talk में यह भी बताया गया कि हर छात्र को अमेरिका या ब्रिटेन जैसे महंगे देशों की ओर ही देखने की ज़रूरत नहीं है। दुनिया में कई ऐसे देश हैं जहाँ कम खर्च में भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलती है।

विशेष रूप से जर्मनी, हंगरी और मलेशिया जैसे देशों को affordable study destinations बताया गया। जर्मनी की public universities में फीस लगभग नगण्य होती है, जबकि हंगरी और मलेशिया में भारतीय private colleges जितने खर्च में international degree मिल सकती है।

कम बजट वाले लोकप्रिय देश:
  • Germany
  • Hungary
  • Malaysia
  • Ireland
  • France

 Scholarships और Part-Time Jobs कितने मददगार?

बहुत से छात्र यह मानते हैं कि scholarship केवल toppers को मिलती है, लेकिन Asslam Shaikh ने इस सोच को भी गलत बताया। उन्होंने कहा कि कई universities 70–80% अंक पाने वाले छात्रों को भी financial aid देती हैं।

इसके अलावा, आयरलैंड, ब्रिटेन और स्विट्ज़रलैंड जैसे देशों में छात्र पढ़ाई के साथ part-time काम भी कर सकते हैं। इससे रहने और खाने का खर्च काफी हद तक संभल जाता है। कुछ देशों में internships भी paid होती हैं, जो छात्रों को आर्थिक राहत देती हैं।

Financial Support के मुख्य स्रोत:
  • University Scholarships
  • Government Grants
  • Paid Internships
  • Part-Time Jobs
लेकिन Reality Check भी जरूरी है

हालाँकि विदेश में पढ़ाई के अवसर बढ़े हैं, लेकिन चुनौतियाँ भी कम नहीं हैं। कई रिपोर्ट्स के अनुसार, रुपये की कमजोरी, बढ़ती living cost और सख्त visa policies ने छात्रों की मुश्किलें बढ़ाई हैं।

Reddit जैसे प्लेटफॉर्म्स पर भी कई छात्रों ने सलाह दी है कि भारी education loan लेकर विदेश जाना जोखिम भरा हो सकता है। कुछ छात्रों ने इसे “career gamble” तक बताया।

इसलिए विदेश जाने से पहले केवल सपनों पर नहीं, बल्कि practical planning पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।

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विदेश में पढ़ाई से पहले किन बातों पर करें ध्यान?

विदेश में पढ़ाई केवल degree लेने का माध्यम नहीं, बल्कि एक जीवन अनुभव भी है। इसलिए सही course, सही country और realistic budget चुनना सबसे अहम कदम है।

छात्रों को यह समझना होगा कि global education का मतलब केवल विदेश जाकर बस जाना नहीं है। सही skill, language adaptability और financial discipline सफलता की असली कुंजी हैं।

महत्वपूर्ण बातें:
  • Education loan सोच-समझकर लें
  • Scholarship options पहले खोजें
  • Country की job market समझें
  • Living cost का सही अनुमान लगाएँ
  • Backup plan हमेशा रखें
 क्या विदेश में पढ़ाई का क्रेज कम हो रहा है?

सरकारी आँकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में विदेश जाने वाले भारतीय छात्रों की संख्या में गिरावट आई है। 2023 में जहाँ लगभग 9 लाख छात्र विदेश गए थे, वहीं 2025 तक यह संख्या घटकर करीब 6.26 लाख रह गई।

विशेषज्ञों का मानना है कि इसका कारण बढ़ती लागत, visa restrictions और uncertain job market है। फिर भी, सही planning के साथ विदेश में पढ़ाई आज भी लाखों छात्रों के लिए एक मजबूत career opportunity बनी हुई है।

 Image Suggestions
  • TEDx stage पर बोलते हुए Asslam Shaikh
  • विदेश में पढ़ाई करते भारतीय छात्र
  • Airport पर suitcase के साथ students
  • Germany या Ireland university campus
  • Scholarship approval या student visa concept image

 अधिकतर पूछे जाने वाले प्रश्न FAQs

Q1. क्या विदेश में पढ़ाई के लिए करोड़ों रुपये जरूरी हैं?

नहीं। सही planning, scholarships और affordable देशों के चयन से कम बजट में भी पढ़ाई संभव है।

Q2. कौन से देश कम खर्च में अच्छी पढ़ाई देते हैं?

Germany, Hungary, Malaysia और Ireland जैसे देश comparatively affordable माने जाते हैं।

Q3. क्या average students को scholarship मिल सकती है?

हाँ। कई universities 70–80% marks वाले छात्रों को भी financial aid देती हैं।

Q4. क्या part-time jobs से खर्च निकल सकता है?

कई देशों में part-time jobs और paid internships living expenses संभालने में मदद करते हैं।

Q5. विदेश में पढ़ाई से पहले सबसे जरूरी क्या है?

Proper research, realistic budget planning और backup plan।

सारांश

Asslam Shaikh की TEDx Talk ने एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है—विदेश में पढ़ाई केवल अमीरों का सपना नहीं रह गया है। सही जानकारी, रणनीति और तैयारी के साथ middle-class छात्र भी global education हासिल कर सकते हैं।

हालाँकि, सिर्फ सपनों के भरोसे निर्णय लेना सही नहीं होगा। practical planning, scholarships और realistic expectations के साथ ही study abroad journey सफल बन सकती है।

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