नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत के साथ देशभर में कक्षा 9 की NCERT किताबों की भारी कमी ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी थी। कई राज्यों में छात्र बिना किताबों के स्कूल जाने को मजबूर थे, जबकि बाजारों में नई किताबें या तो उपलब्ध नहीं थीं या बेहद महंगे दामों पर बेची जा रही थीं।
अब इस पूरे मामले पर National Council of Educational Research and Training यानी NCERT ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। बोर्ड का कहना है कि नई किताबों की छपाई “युद्ध स्तर” पर की जा रही है और जल्द ही सभी विषयों की पुस्तकें दुकानों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध करा दी जाएंगी।
आखिर क्यों हुई किताबों की इतनी बड़ी कमी
इस साल कक्षा 9 के लिए नई शिक्षा नीति यानी NEP 2020 के तहत पूरी तरह नया syllabus लागू किया गया है। इसके कारण NCERT को कई विषयों की नई किताबें तैयार करनी पड़ीं।
विशेषज्ञों के अनुसार, syllabus final होने और printing process शुरू होने के बीच समय काफी कम था। दूसरी ओर, नई किताबों की मांग अनुमान से कहीं अधिक बढ़ गई। यही कारण रहा कि demand और supply के बीच बड़ा अंतर पैदा हो गया।
किन विषयों की किताबों की सबसे ज्यादा कमी रही
देशभर के कई स्कूलों और बुक स्टोर्स में Mathematics, Science और Social Science की नई किताबें सबसे ज्यादा प्रभावित रहीं। नई पुस्तकों के नाम और structure बदलने के कारण भी भ्रम की स्थिति बनी रही।
NCERT ने बताया कि अधिकांश विषयों की किताबें छप चुकी हैं, जबकि Social Science की किताब अंतिम चरण में है और जल्द उपलब्ध होगी।
नई NCERT किताबों के नाम:
- Mathematics – Ganita Manjari
- Science – Exploration
- English – Kaveri
- Hindi – Ganga
- Sanskrit – Sharada
- Urdu – Jamuna
NCERT ने क्या कहा
NCERT ने साफ कहा है कि किताबों की कमी अस्थायी है और स्थिति को तेजी से सामान्य किया जा रहा है। संस्था के अनुसार printing capacity बढ़ाई गई है ताकि जल्द से जल्द सभी छात्रों तक पुस्तकें पहुंच सकें।
बोर्ड ने यह भी कहा कि offline counters और regional centres पर supply बढ़ाई जा रही है। इसके अलावा Amazon, Flipkart और NCERT portal के जरिए भी किताबें उपलब्ध कराई जा रही हैं।
ऑनलाइन कैसे मिलेंगी NCERT की किताबें
किताबों की कमी को देखते हुए NCERT ने digital access पर भी जोर दिया है। छात्र फिलहाल e-books के जरिए अपनी पढ़ाई जारी रख सकते हैं।
NCERT ने अपनी official website, DIKSHA App और ePathshala platform पर नई किताबों के PDF उपलब्ध करा दिए हैं। इससे छात्रों को कम से कम पढ़ाई रुकने की समस्या से राहत मिल सकती है।
ऑनलाइन किताबें कहां मिलेंगी:
- NCERT Official Portal
- DIKSHA App
- ePathshala
- Amazon
- Flipkart
ग्रामीण छात्रों के सामने नई चुनौती
हालांकि digital books एक अस्थायी समाधान मानी जा रही हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए यह व्यवस्था पूरी तरह प्रभावी नहीं है।
कई इलाकों में इंटरनेट कनेक्टिविटी कमजोर है, जबकि कई छात्रों के पास smartphone या tablet तक उपलब्ध नहीं है। ऐसे में केवल online access पर निर्भर रहना बड़ी चुनौती बन सकता है।
अभिभावकों की बढ़ती चिंता
नए academic session की शुरुआत के बावजूद किताबें उपलब्ध न होने से अभिभावकों में नाराजगी देखी जा रही है। कई parents का कहना है कि उन्हें online platforms पर किताबें अधिक कीमत पर खरीदनी पड़ीं।
कुछ जगहों पर private sellers द्वारा NCERT books की shortage का फायदा उठाकर ऊंचे दाम वसूले जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
NEP 2020 का क्या है संबंध
नई शिक्षा नीति 2020 के तहत NCERT लगातार curriculum और textbooks में बदलाव कर रहा है। इसका उद्देश्य rote learning कम करना और concept-based learning को बढ़ावा देना बताया गया है।
इसी बदलाव के तहत कक्षा 9 की नई किताबें तैयार की गई हैं। सरकार का दावा है कि updated books छात्रों को अधिक practical और skill-oriented learning experience देंगी।
क्या आने वाले समय में किताबें सस्ती होंगी
केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने पहले कहा था कि NCERT अपनी printing capacity को 5 करोड़ से बढ़ाकर 15 करोड़ किताबें प्रतिवर्ष करने की दिशा में काम कर रहा है।
सरकार का दावा है कि आने वाले समय में किताबों की कीमतें नियंत्रित रखने की कोशिश की जाएगी ताकि अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
छात्र फिलहाल क्या करें
विशेषज्ञों का कहना है कि छात्रों को panic करने की जरूरत नहीं है। फिलहाल digital resources का उपयोग करके पढ़ाई जारी रखी जा सकती है।
स्कूलों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे students को temporary study material और assignments उपलब्ध कराएं ताकि syllabus completion प्रभावित न हो।
छात्रों के लिए जरूरी सुझाव:
- NCERT portal से PDF डाउनलोड करें
- DIKSHA और ePathshala का उपयोग करें
- Teachers के संपर्क में रहें
- बाजार में उपलब्धता पर नियमित नजर रखें
- Fake या overpriced books से सावधान रहें
हेल्पलाइन नंबर भी जारी
NCERT ने छात्रों और स्कूलों की सहायता के लिए IVRS हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। यदि किसी छात्र को किताबें खोजने में परेशानी हो रही है, तो वह सीधे हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकता है।
NCERT हेल्पलाइन:
- 8800440559
क्या यह भारत की डिजिटल शिक्षा चुनौती को दिखाता है?
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह पूरी स्थिति भारत की शिक्षा व्यवस्था में मौजूद “digital divide” को भी उजागर करती है।
जहां शहरी छात्र आसानी से PDFs और online platforms का उपयोग कर सकते हैं, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में यह विकल्प सीमित हो जाता है। ऐसे में printed textbooks की समय पर उपलब्धता अब भी बेहद जरूरी मानी जाती है।
अधिकतर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
- NCERT की 9वीं की किताबों की कमी क्यों हुई?
नई शिक्षा नीति 2020 के तहत syllabus बदलने और demand बढ़ने के कारण supply gap पैदा हुआ।
- क्या NCERT की नई किताबें ऑनलाइन उपलब्ध हैं?
हाँ, NCERT portal, DIKSHA App और ePathshala पर नई किताबों के PDF उपलब्ध हैं।
- कौन-कौन सी किताबें सबसे ज्यादा प्रभावित रहीं?
Mathematics, Science और Social Science की किताबों की सबसे ज्यादा कमी देखी गई।
- NCERT हेल्पलाइन नंबर क्या है?
छात्र 8800440559 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।
निष्कर्ष
कक्षा 9 की NCERT किताबों की कमी ने इस साल लाखों छात्रों और अभिभावकों को प्रभावित किया है। हालांकि NCERT का दावा है कि स्थिति जल्द सामान्य हो जाएगी, लेकिन इस पूरे मामले ने शिक्षा व्यवस्था की कई चुनौतियों को सामने ला दिया है।
नई शिक्षा नीति के तहत curriculum बदलाव एक बड़ा कदम जरूर है, लेकिन उसकी सफल implementation के लिए किताबों की समय पर उपलब्धता भी उतनी ही जरूरी है। आने वाले हफ्तों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि NCERT कितनी तेजी से supply chain को पूरी तरह सामान्य बना पाता है।





