UPSC में सबसे ज्यादा टॉपर किस राज्य से आते हैं? 10 वर्षों के ट्रेंड ने चौंकाया

By Ashish Jha

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देश की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित परीक्षाओं में शामिल Union Public Service Commission यानी UPSC Civil Services Examination हर साल लाखों युवाओं के सपनों और संघर्ष की कहानी बनती है। IAS, IPS और IFS जैसी सेवाओं में चयन पाने के लिए छात्र वर्षों तक तैयारी करते हैं।

लेकिन हर साल रिजल्ट आने के बाद एक सवाल सबसे ज्यादा चर्चा में रहता है — आखिर सबसे ज्यादा UPSC टॉपर किस राज्य से आते हैं?

पिछले 10 वर्षों के UPSC ट्रेंड को देखें तो कुछ राज्यों का दबदबा लगातार दिखाई देता है। खासकर Uttar Pradesh, Delhi, Rajasthan, Bihar और दक्षिण भारत के कुछ राज्यों ने लगातार टॉप रैंक दिए हैं।

यह ट्रेंड अब केवल परीक्षा का आंकड़ा नहीं, बल्कि भारत की शिक्षा, कोचिंग संस्कृति, सामाजिक माहौल और aspirational youth की कहानी भी बन चुका है।

पिछले 10 वर्षों के UPSC टॉपर कौन रहे?

पिछले दशक में UPSC AIR-1 हासिल करने वाले उम्मीदवार अलग-अलग राज्यों से आए, लेकिन कुछ राज्यों की लगातार मजबूत उपस्थिति दिखाई दी।

देखें यूपीएससी के पिछले 10 साल के टॉपर्स की लिस्ट, अधिकतर के पास है ये  डिग्री - UPSC Last 10 Years Toppers list from 2011 to 2022 upsc toppers  degree educational qualification college - News18 ...

UPSC टॉपर्स और उनके राज्य (हाल के वर्षों में)
वर्ष टॉपर राज्य
2025 Anuj Agnihotri Rajasthan
2024 Shakti Dubey Uttar Pradesh
2023 Aditya Srivastava Uttar Pradesh
2022 Ishita Kishore Delhi
2021 Shruti Sharma Uttar Pradesh
2020 Shubham Kumar Bihar
2019 Pradeep Singh Haryana
2018 Kanishak Kataria Rajasthan
2017 Anudeep Durishetty Telangana
2016 Nandini K.R. Karnataka

इन आंकड़ों से साफ है कि Uttar Pradesh का प्रदर्शन सबसे ज्यादा मजबूत रहा है, जबकि Rajasthan और Bihar ने भी बड़ी सफलता हासिल की है।

उत्तर प्रदेश का दबदबा क्यों दिखता है?

पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश से कई UPSC toppers सामने आए हैं।

Experts का मानना है कि इसके पीछे कई कारण हैं:

  • बड़ी student population
  • दिल्ली से geographic proximity
  • कोचिंग ecosystem तक आसान पहुंच
  • Competitive environment
  • Civil services culture

दिल्ली के Mukherjee Nagar और Rajinder Nagar जैसे UPSC hubs में बड़ी संख्या में यूपी के छात्र तैयारी करते हैं। यही वजह है कि राज्य का representation लगातार मजबूत दिखाई देता है।

बिहार क्यों बना UPSC का मजबूत केंद्र?

Bihar लंबे समय से civil services preparation के लिए जाना जाता रहा है।

हालांकि बिहार से हर साल AIR-1 नहीं आता, लेकिन top ranks और final selections में राज्य की मजबूत मौजूदगी लगातार बनी रहती है। 2020 में Shubham Kumar ने AIR-1 हासिल कर बिहार को राष्ट्रीय चर्चा में ला दिया था।

Experts मानते हैं कि बिहार में सरकारी नौकरी और प्रशासनिक सेवाओं को लेकर सामाजिक सम्मान काफी ज्यादा है। यही कारण है कि यहां UPSC preparation केवल career option नहीं, बल्कि social aspiration भी बन चुकी है।

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राजस्थान का प्रदर्शन क्यों चौंकाता है?

पिछले दशक में Rajasthan ने भी कई top rankers दिए हैं।

Kanishak Kataria और 2025 topper Anuj Agnihotri जैसे नामों ने राजस्थान की तैयारी संस्कृति को चर्चा में ला दिया।

कोटा और जयपुर जैसे शहर competitive exam culture के बड़े केंद्र बन चुके हैं। हालांकि Kota मुख्य रूप से engineering और medical coaching के लिए जाना जाता है, लेकिन वहां का academic environment UPSC aspirants को भी प्रभावित करता है।

दिल्ली का नाम अलग क्यों दिखता है?

UPSC toppers list में कई बार “Delhi” भी दिखाई देता है।

लेकिन experts बताते हैं कि यह हमेशा दिल्ली की schooling background को नहीं दर्शाता। बड़ी संख्या में aspirants दूसरे राज्यों से दिल्ली आकर preparation करते हैं।

फिर भी दिल्ली का exposure, libraries, coaching institutes और peer competition aspirants को मजबूत advantage देता है।

दक्षिण भारत की लगातार मजबूत मौजूदगी

Karnataka, Tamil Nadu, Telangana और Kerala जैसे राज्यों का प्रदर्शन भी लगातार अच्छा रहा है।

Experts का मानना है कि दक्षिण भारत में schooling quality, reading culture और academic discipline UPSC preparation में बड़ी भूमिका निभाते हैं।

Anudeep Durishetty और Nandini K.R. इसके बड़े उदाहरण माने जाते हैं।

क्या बड़े शहरों के छात्रों को फायदा मिलता है?

यह बहस लंबे समय से चल रही है।

कुछ लोग मानते हैं कि दिल्ली, पुणे, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे शहरों के छात्रों को बेहतर resources मिलते हैं। वहीं कई aspirants का कहना है कि आज online education और digital resources ने यह gap काफी कम कर दिया है।

Reddit जैसे platforms पर भी कई users ने कहा कि local colleges और self-study background वाले students भी UPSC में बड़ी सफलता हासिल कर रहे हैं।

क्या IIT और DU background जरूरी है?

सोशल media पर अक्सर यह perception देखने को मिलता है कि UPSC toppers अधिकतर IITs या Delhi University से आते हैं।

हालांकि कई toppers prestigious institutions से रहे हैं, लेकिन experts बार-बार कहते हैं कि UPSC में success किसी एक college brand पर निर्भर नहीं करती।

Reddit discussions में भी कई aspirants ने लिखा कि self-study और consistency coaching या elite institutions से ज्यादा महत्वपूर्ण साबित होते हैं।

UPSC तैयारी में कौन से ट्रेंड बदल रहे हैं?

पिछले दशक में UPSC preparation pattern में कई बदलाव देखने को मिले हैं।

नए ट्रेंड
  • Online preparation का बढ़ना
  • Female toppers की संख्या में वृद्धि
  • Working professionals का चयन
  • Regional language aspirants की बढ़ती सफलता
  • Self-study culture का विस्तार

Experts का कहना है कि अब UPSC preparation केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रही।

महिला उम्मीदवारों का बढ़ता दबदबा

हाल के वर्षों में कई महिला उम्मीदवारों ने UPSC में टॉप रैंक हासिल की हैं।

Ishita Kishore, Shruti Sharma और Tina Dabi जैसी toppers ने लाखों छात्राओं को प्रेरित किया है।

यह trend भारतीय प्रशासनिक सेवाओं में gender representation बदलने का संकेत भी माना जा रहा है।

क्या coaching जरूरी है?

यह UPSC aspirants के बीच सबसे बड़ा सवाल बना रहता है।

कुछ toppers coaching institutes से जुड़े रहे हैं, जबकि कई candidates self-study से सफल हुए। Experts का मानना है कि coaching direction दे सकती है, लेकिन final success consistency, revision और answer-writing practice पर निर्भर करती है।

अधिकतर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

  1. पिछले 10 वर्षों में किस राज्य ने सबसे ज्यादा UPSC टॉपर दिए?

हाल के वर्षों में Uttar Pradesh ने सबसे ज्यादा AIR-1 candidates दिए हैं।

  1. क्या बिहार से भी UPSC टॉपर बने हैं?

हाँ। Shubham Kumar ने 2020 में AIR-1 हासिल किया था।

  1. क्या UPSC में coaching जरूरी है?

Experts के अनुसार coaching मदद कर सकती है, लेकिन self-study और discipline ज्यादा महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

  1. क्या IIT या DU background से फायदा मिलता है?

Strong academic environment मदद कर सकता है, लेकिन UPSC success केवल college brand पर निर्भर नहीं करती।

निष्कर्ष

UPSC toppers का पिछले 10 वर्षों का ट्रेंड केवल राज्यों की सूची नहीं, बल्कि भारत के बदलते educational aspirations की कहानी है।

Uttar Pradesh, Bihar, Rajasthan और दक्षिण भारत के कई राज्यों ने यह दिखाया है कि strong preparation culture और सामाजिक motivation किसी भी राज्य को UPSC powerhouse बना सकते हैं।

लेकिन अंत में सफलता किसी राज्य, शहर या college brand से नहीं, बल्कि लगातार मेहनत, strategy और patience से तय होती है। यही कारण है कि हर साल UPSC result नई कहानियां और नए inspiration लेकर आता है।

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